Vedas in hindi वेद क्या होते है ? पीडीऍफ़ डाउनलोड करे

vedas in hindi

वेद भारत ही नही बल्कि दुनिया के सबसे प्राचीन ग्रंथो में से एक है. यह ग्रन्थ मनुष्य के लिय बहुत ही उपयोगी है, क्योकि इन ग्रथो में बहुत सारा ज्ञान भरा हुआ है. जिसकी मदद से मनुष्य बहुत कुछ हासिल कर सकता है. तो आज हम vedas in hindi के विषय में बात करेगे और जानेगे की vedas क्या है, और आप कैसे इन वेदों को पढ़ सकते है. भारतीय संस्कृति में वेद सबसे महत्वपूर्ण अंग है.

वेद का अर्थ क्या होता है ?

Vedas Meaning in hindi वेद एक संस्कृत का शब्द है और जिसका अर्थ होता है “ज्ञान“. ऋग्वेद सबसे पुराना वेद है. वेदों में हमें कई सारे मंत्रो का ज्ञान और कई सारी औषधियों की भी जानकारी मिलती है. इसीलिए वेद काफी महत्वपूर्ण हुआ करते थे और आज भी महत्वपूर्ण है. इसीलिए ये 4 vedas काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाते है.

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Origin of vedas in Hindi ?

यदि बात vedas की हो और वेदव्यास जी का नाम ना आये ऐसा हो नही सकता. वैसे तो वेद भगवान के द्वारा ही उत्त्पन्न माने जाते है परन्तु वेद को लिपिबद्ध करने का श्रेय वेदव्यास जी को जाता है. वेदों में कई ऋचाये होती है और कई ऋचाओ के रचनाकार ऋषियो को नाम से मिलते है. तो यह माना जाता है यह यह वेद मानव लिखित नही है.

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ऋग्वेद

ऋग्वेद सबसे पुराना वेद है. ऋग्वेद में 10627 मंत्र है. ऋग्वेद का विभाजन दस मंडलों में क्या गया है. प्रत्येक मंडल में कई सारी सूक्ति है और प्रत्येक सूक्ति में अनेक ऋचाये है. सम्पूर्ण ऋग्वेद को चौसठ अध्यायों में विभक्त करके उनके आठ अस्टक बनाये गये है. प्रत्येक मंत्र के देवता और छंद और ऋषि का उल्लेख मिलता है. इस वेद के मंत्र पद्यात्मक है.

यजुर्वेद

यजुर्वेद द्वितीय वेद के रूप में प्रसिद्द है. यजुर्वेद में 663 मंत्र यजुर्वेद से भी प्राप्त होते है. लेकिन यह नही कहा जा सकता है, की यह दोनों एक ही ग्रन्थ है. यजुर्वेद के मंत्र गद्यात्मक है. यजुर्वेद यज्ञ आदि कर्म करवाने के लिए संकलित हुआ था. इसीलिए आप भी विभिन्न संस्कारो और यज्ञ आदि में अधिकांश मंत्र यजुर्वेद से होते है. यजुर्वेद की 101 शाखाये है पर मुख्य रूप से दो ही प्रचलित है. कृष्ण यजुर्वेद और शुक्ल यजुर्वेद.

सामवेद

सामवेद को ऋग्वेद के मंत्रो का संग्रह माना जाता है. पर सामवेद की अनेक ऋचाये ऋग्वेद से भिन्न है. ऋग्वेद के सामान ही सामवेद में भी इंद्र, अग्नि, सोम आदि की स्तुति की गयी है. सामवेद को ऋग्वेद का पूरक कहा जाता है. सामवेद की महत्ता किसी भी रूप में ऋग्वेद से कम नही है. गीता में श्री कृष्ण ने “वेदानां सामवेदो अस्मि” कह कर सामवेद की विशिष्ठता की ओर संकेत किया है.

अथर्ववेद

महाभाष्य के रचयिता महर्षि पतंजलि ने अथर्ववेद की नौ संहिताओ का उल्लेख किया है. अथर्ववेद में ऋग्वेद से लिए मंत्रो की संख्या 1200 है. अथर्ववेद में रोग से मुक्ति और औषधियों का वर्णन है, राक्षसों का विनाश, सुख प्राप्ति, दीर्घायु के लिए प्रार्थना की गयी है, कुछ सूक्त विवाह और प्रेम संबंधो के बारे में बताया गया है. अथर्ववेद का विशेष सूक्त “प्रथ्वी सूक्त” है, जिसमे प्रथ्वी को माता कहा गया है.

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4 Vedas in hindi PDF – Vedas in hindi book
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  4. Atharva veda pdf – Read

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