Labour Day क्यों मनाया जाता है? लेबर डे का इतिहास

Labour Day

1 मई को पूरी दुनिया के लोग Labour Day मानते है, लेकिन क्या आपको पता है कि Labour Day की शुरुआत कब हुई थी और इसकी शुरुआत क्यों की गयी थी। आज हम लेबर डे के इतिहास के विषय में जानेगे।

मजदूर दिवस की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। कुछ श्रमिक आन्दोलनों के द्वारा लेबर डे का प्रस्ताव रखा गया और फिर इसकी शुरुआत की गयी। आज पूरी दुनिया ही इस दिन को श्रमिक दिवस के नाम पर मानती है। एक प्रकार से यह भी श्रमिक की एक उपलब्धी ही है।

कई देशो में 1 मई को अवकाश भी रहता है। श्रमिक संगठनों ने कहा की श्रमिको को भी आराम की जरुरत होती है। उनसे भी सिर्फ 8 घंटे ही काम लिया जाये, आदि ये सभी श्रमिक संगठनों के प्रस्ताव थे। इन सभी प्रस्तावों को मानते हुए ये सभी अधिकार श्रमिको को दिए गए।

लेबर डे कब मनाया जाता है?

भारत में भी श्रमिक दिवस 1 मई को ही मनाया जाता है। कई जगहों पर इस दिन अवकास भी दिया जाता है। यह दिवस श्रमिको के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है। हम प्रति वर्ष 1 मई को इस दिवस को उत्साह के साथ मानते है।

लेबर डे को लेकर कई देशो में श्रमिको के आन्दोलन और मार्च निकाले गए। कई प्रयास किये गए तब जाकर उस श्रमिको को ये सम्मान मिल पाया। श्रमिक आंदोलनों की शुरुआत 19वी शताब्दी से हुई थी। इसके बाद लगातार पूरी दुनिया के लगभग सभी देशो में आन्दोलन चलते रहे।

भारत में लेबर डे की शुरुआत 1 मई 1923 को लेबर किसान पार्टी ऑफ़ हिंदुस्तान के द्वारा की गयी। Labour Day से पहले श्रमिको के लिए सोचने वाले बहुत ही कम लोग थे। इस प्रकार के संगठन और आन्दोलनकर्ता आगे आये और इन्होने श्रमिको को उनका अधिकार दिलवाया।

Labour Day History लेबर डे का इतिहास

इस दिन के लिए दुनिया भर के श्रमिक संगठनो ने दुनिया के अलग अलग देशो में मार्च और आन्दोलन किये। इसकी शुरुआत 19वी शताब्दी से ही कर दी गयी थी। Labour Day की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। इस दिवस को श्रमिको को समर्पित किया गया। इस दिन लोग श्रमिको को सम्मानित भी करते है।

Labour Day
Labour Day

आज जो श्रमिक दिवस मनाया जा रहा है इसके पीछे कई संगठनो और श्रमिको का योगदान रहा है। कई वर्षो तक श्रमिक आन्दोलन चले। अपने अधिकार के लिए लडे।

शुरुआती दौर में श्रमिक दिवस को अमेरिका में सितम्बर से पहले सोमवार को मनाया जाता था। धीरे धीरे यह पूरे विश्व में मनाया जाने लगा। फिर इस दिवस को बदलकर 1 मई कर दिया गया।

आज कई देशो में श्रमिक दिवस के अवसर पर अवकास कर दिया जाता है। यह दिवस उस सभी श्रमिको को सम्मान है तो कठिन परिश्रम करते है।

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निष्कर्ष – आज हमने इस आर्टिकल मे Labour Day के विषय में जाना और समझा। हमने जाना की इसकी शुरुआत कब गयी और क्यों की गयी। यदि आपका इस विषय में जुड़ा हुआ कोई भी प्रश्न है तो आप हमें कमेंट के मध्यम से बता सकते है हम आपकी हर सम्भव मदद करने का प्रयास करेगे।