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Delta Plus Variant Symptoms? डेल्टा प्लस के लक्षण।। वायरस ऑफ कंसर्न

Delta Plus Variant Symptoms

हम सब अभी हाल ही में कोरोना की दूसरी लहर से निकले है। Corona की दूसरी लहर ने काफी लोगो की जान ली है, लेकिन अब कोरोना की तीसरी लहर आने वाली है। वैज्ञानिक इसकी चेतावनी दे चुके है। इस बार फैलने वाले वायरस का नाम Delta Plus रखा गया है। हम आपको Delta Plus Variant Symptoms के बारे में बतायेगे।

हम इस आर्टिकल में बात करेंगे कि कैसे आप इस Covid Wave से बच सकते है। इस Delta Plus Variant के लक्षण क्या है। आज हम इस आर्टिकल में इन सब महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे और जानने का प्रयास करेगे।

What is Delta Plus Variant

Delta Plus Variant भारत मे काफी तेजी से फैल रहा है। आने वाले समय मे इस वायरस के केस और भी ज्यादा तेजी के साथ बढ़ेंगे तो हमें काफी सावधान रहने की जरूरत है। यह Delta Plus Mutation से बना एक वायरस है। अक्सर वायरस म्यूटेशन के द्वारा अपने रूप व स्वरूप को बदलते रहते हैं जिसके द्वारा इनके लक्षण भी बदलते रहते हैं।

जब हमारे देश में दूसरी लहर चल रही थी, वह भी एक कोविड-19 वायरस ही था, जिसे हम Delta Variant करते थे। म्यूटेशन के द्वारा डेल्टा वैरीअंट डेल्टा प्लस के रूप में फैल रहा है। इस प्रकार वायरस अपने आप को बदलता रहता है।

Delta Variant को हम B.1.617.2 के माध्यम से जानते है। B.1.617.2 एक प्रकार का जैनेटिक नाम होता है। इस जैनेटिक नाम के आधार पर ही वैक्सीन का निर्माण किया जाता है। Delta Plus Variant का जैनेटिक नाम AY.1 है।

Delta Plus Variant की संरचना Delta Variant से काफी अलग है। अब यह कितना प्रभावी होगा इसका अंदाजा लगाना थोड़ा मुश्किल है। विशेषज्ञों की माने तो यह नया स्ट्रेन खतरनाक भी हो सकता है।

Delta Plus Variant सबसे पहले कहा पाया गया?

यदि हम बात करे कि सबसे पहले इस Virus को कहा पाया गया तो सबसे पहले इस नए वैरीअंट को मार्च में यूरोप में देखा गया। जून में इसे कई और लोगो मे देखा गया।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह Variant काफी तेजी से फैलेगा। जिस प्रकार K417N डेल्टा ( 1.617.2 ) और अब यह डेल्टा प्लस AY.1 में बदला। डॉक्टरों का मानना है कि यह 30-35% अधिक तेजी से फैलेगा।

Delta Plus Variant Symptoms के केस महराष्ट्र में सबसे पहले मिले, और अब मध्यप्रदेश प्रदेश, तमिलनाडु व अन्य राज्यो में भी मिलने शुरू हो गए है। डेल्टा प्लस वेरिएंट सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में पाया गया है जिसकी वजह से WHO ने भी चिंता जाहिर की है।

Delta Plus Variant Symptoms क्या है?

डॉक्टर्स की माने तो Delta Plus Variant के लक्षण भी डेल्टा वैरिएंट की तरह ही है। जो लक्षण हमे Covid-19 के पुराने वैरिएंट में देखने को मिले थे वही लक्षण इस नए वैरिएंट में देखने को मिल रहे है।

इस नए वैरिएंट में हमे कोई भी नया लक्षण देखने को नही मिल रहा है। वैसे अभी ज्यादा डीपली नही कहा जा सकता। जैसा कि हमने देखा है हमे Covid की Second Wave के समय ऑक्सिजन की भारी मात्रा के कमी हुई। Covid Second Wave में Delta Variant बहुत ही तेजी के साथ फैला।

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स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक डेल्टा प्लस वेरिएंट ज्यादा संक्रामक है और यह फेफड़ों की कोशिकाओं के रिसेप्टर में चिपकने में भी सक्षम है जिसकी वजह से यहां और भी खतरनाक हो जाता है। यह फेफड़ों को ज्यादा क्षति पहुंचा सकता है।

डेल्टा प्लस वैरीअंट आपकी इम्यूनिटी को भी बेअसर कर सकता है। जो लोग भी इस नए Delta Plus की चपेट में आये है उन्हें गंभीर खासी, जुकाम देखने को मिला है। एक रिचर्स के अनुसार, सिर दर्द, गले में खराश, नाक बहना इस नए वैरिएंट के सबसे आम लक्षण है।

इस वैरिएंट में अभी फिलहाल कोई नया लक्षण नही देखने को मिला है। हम कुछ लक्षणों के विषय मे बात करेंगे जोकि कोरोना के बेसिक लक्षण है।

सुखी खासी
थकान 
बुखार
गले मे दर्द
स्वाद चला जाना
सुघने की क्षमता में कमी
आंखों में फ्लू
सीने में दर्द
पेट दर्द
डायरिया
जी मिचलाना
उल्टी
भूख न लगना
सुनने में दिक्कत
जोड़ो में दर्द

डेल्टा प्लस वैरिएंट से कैसे बचना चाहिए?

जैसा की अभी हाल ही में आई कोरोनावायरस की लहर से हमने सीखा है कि हम सबको ज्यादा से ज्यादा घर पर ही रहना है और बाहर निकलते वक्त मास्क का प्रयोग करना है। हम जब भी बाहर से आते हैं तो हमें सेनीटाइजर या साबुन से हाथ धो लेना है। साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना है।

कोरोना का या नया Delta Plus Variant ज्यादा खतरनाक भी हो सकता है। इस नए वेरिएंट के केस अभी आना शुरू हुए हैं। हमें जल्द से जल्द वैक्सीन लगानी चाहिए आप भी जितनी जल्दी हो सके वैक्सीन की दोनों खुराक ले लीजिए क्योंकि इस खतरनाक वायरस से हमें वैक्सीन ही बचा सकता है।

डेल्टा प्लस वैरिएंट कैसे बना?

अक्सर आपने सुना होगा कि वायरस म्यूटेशन के बाद अपने आप को बदल लेता है। किसी भी वायरस का म्यूटेशन होने के बाद उसके लक्षण और प्रभाव भी बदल जाता हैं। म्युटेशन होने के बाद वायरस कमजोर भी हो सकता है और हो सकता है वह और भी ज्यादा खतरनाक हो जाये।

Delta Variant की स्पाइक प्रोटीन में K417N म्युटेशन जुड़ जाने के कारण Delta Plus Variant बना है। यह K417N दक्षिण अफ्रीका में पाए गए Covid 19 के बीटा वैरिएंट और ब्राजील में पाए गए गामा वैरिएंट में भी मिला है। वैज्ञानिक जीनेम सीक्वेंसिंग के जरिये इस वैरिएंट पर अध्ययन कर रहे है।

WHO ने इस नए वैरिएंट को Virus Of Concern कहा है। इस प्रकार वायरस खुद को म्युटेट करके एक नए रूप में परिवर्तित कर लेता है। हमें यह समझना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन लगवानी है, क्योंकि वैक्सीन ही एकमात्र उपाय है जो इस खतरनाक वायरस से हमें आजादी दिलवा सकता है। 

निष्कर्ष :- दोस्तो, हम उम्मीद करते हैं कि आपको Delta Plus Variant Symptoms से जुड़े सभी प्रश्नों के जवाब मिल गए होंगे यदि अभी भी आपका कोई प्रश्न है या फिर सुझाव है तो आप हमें कमेंट के माध्यम से बता सकते हैं।

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Prashant Tiwari

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